एक बार फिर से दिल्ली में चुनाव ने दस्तक दे दी है।
पिछले चुनाव से इस चुनाव में काफी अंतर देखा जा सकता है, पिछले चुनावों में दिल्ली का विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय था लड़ाई भाजपा कांग्रेस और आप में था। पिछले चुनाव में जहाँ कांग्रेस की नाव डूब रही थी इस चुनाव वह नाव पूरी तरह से डूब चुकी है।
लड़ाई सीधे तोर पे भाजपा और आप में है और इसमें कोई दोराय नहीं की भाजपा मोदी फैक्टर और किरण बेदी के कारण ज़्यादा मजबूत इस्तिथि में है।
अब मजेदार होगा केजरीवाल और उनकी पार्टी के चुनाव नतीजों का क्या इस बार फिर दिल्ली उनपे भरोसा दिखा पायेगी या एक सबक काफी था समझने के लिए ।
पिछले चुनाव से इस चुनाव में काफी अंतर देखा जा सकता है, पिछले चुनावों में दिल्ली का विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय था लड़ाई भाजपा कांग्रेस और आप में था। पिछले चुनाव में जहाँ कांग्रेस की नाव डूब रही थी इस चुनाव वह नाव पूरी तरह से डूब चुकी है।
लड़ाई सीधे तोर पे भाजपा और आप में है और इसमें कोई दोराय नहीं की भाजपा मोदी फैक्टर और किरण बेदी के कारण ज़्यादा मजबूत इस्तिथि में है।
अब मजेदार होगा केजरीवाल और उनकी पार्टी के चुनाव नतीजों का क्या इस बार फिर दिल्ली उनपे भरोसा दिखा पायेगी या एक सबक काफी था समझने के लिए ।